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VedicSpaceपंचांगजयपुर › 2026-11-07

जयपुर पंचांग — 7 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, चित्रा नक्षत्र · शनिवार · राजस्थान (26.9124°, 75.7873°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जयपुर (26.9124°, 75.7873°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 10:48 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रचित्रा · पाद 1तक 05:52 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगप्रीतितक 03:27 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 10:48 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:40 AM
सूर्यास्त05:40 PM
चन्द्रोदय04:47 AM
चन्द्रास्त04:10 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:48 AM – 12:32 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:04 AM – 05:52 AM
अमृत काल11:50 PM – 01:30 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:25 AM – 10:47 AM
गुलिक काल06:40 AM – 08:02 AM
यमगण्ड01:32 PM – 02:55 PM
वर्ज्यम्01:46 PM – 03:26 PM
दुर्मुहूर्त09:36 AM – 10:20 AM
दुर्मुहूर्त02:00 PM – 02:44 PM

दिन चौघड़िया

काल06:40 AM – 08:02 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:02 AM – 09:25 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:25 AM – 10:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:47 AM – 12:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:10 PM – 01:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:32 PM – 02:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:55 PM – 04:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:17 PM – 05:40 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:40 PM – 07:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:17 PM – 08:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:55 PM – 10:32 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:32 PM – 12:10 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:10 AM – 01:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:47 AM – 03:25 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:25 AM – 05:02 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:02 AM – 06:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle