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VedicSpaceपंचांगजयपुर › 2026-12-24

जयपुर पंचांग — 24 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · गुरुवार · राजस्थान (26.9124°, 75.7873°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जयपुर (26.9124°, 75.7873°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 06:58 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 1तक 01:47 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशुक्लतक 12:51 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 06:58 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:13 AM
सूर्यास्त05:40 PM
चन्द्रोदय06:03 PM
चन्द्रास्त07:23 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:05 PM – 12:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:37 AM – 06:25 AM
अमृत काल06:17 PM – 07:41 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:44 PM – 03:03 PM
गुलिक काल09:49 AM – 11:08 AM
यमगण्ड07:13 AM – 08:31 AM
वर्ज्यम्09:56 AM – 11:19 AM
दुर्मुहूर्त01:29 PM – 02:11 PM
दुर्मुहूर्त04:16 PM – 04:58 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:13 AM – 08:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:31 AM – 09:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:49 AM – 11:08 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:08 AM – 12:26 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:26 PM – 01:44 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:44 PM – 03:03 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:03 PM – 04:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:21 PM – 05:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:40 PM – 07:21 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:21 PM – 09:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:03 PM – 10:44 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:44 PM – 12:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:26 AM – 02:08 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:08 AM – 03:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:49 AM – 05:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:31 AM – 07:13 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle