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VedicSpaceपंचांगजम्मू › 2026-06-16

जम्मू पंचांग — 16 जून 2026

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · मङ्गलवार · जम्मू-कश्मीर (32.7266°, 74.857°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जम्मू (32.7266°, 74.857°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:22 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 12:52 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 3तक 04:12 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवृद्धितक 12:34 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 02:39 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:22 AM
सूर्यास्त07:40 PM
चन्द्रोदय06:17 AM
चन्द्रास्त09:15 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:02 PM – 12:59 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:46 AM – 04:34 AM
अमृत काल06:46 AM – 08:10 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:05 PM – 05:52 PM
गुलिक काल12:31 PM – 02:18 PM
यमगण्ड08:56 AM – 10:43 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:05 AM – 12:02 PM
दुर्मुहूर्त02:54 PM – 03:51 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:22 AM – 07:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:09 AM – 08:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:56 AM – 10:43 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:43 AM – 12:31 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:31 PM – 02:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:18 PM – 04:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:05 PM – 05:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:52 PM – 07:40 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:40 PM – 08:52 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:52 PM – 10:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:05 PM – 11:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:18 PM – 12:31 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:31 AM – 01:43 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:43 AM – 02:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:56 AM – 04:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:09 AM – 05:22 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle