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VedicSpaceपंचांगजम्मू › 2026-07-30

जम्मू पंचांग — 30 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, श्रवण नक्षत्र · गुरुवार · जम्मू-कश्मीर (32.7266°, 74.857°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जम्मू (32.7266°, 74.857°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 09:30 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रश्रवण · पाद 3तक 05:43 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगआयुष्मान्तक 12:05 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 08:51 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:43 AM
सूर्यास्त07:31 PM
चन्द्रोदय08:11 PM
चन्द्रास्त06:02 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:09 PM – 01:04 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:07 AM – 04:55 AM
अमृत काल06:10 AM – 07:54 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:20 PM – 04:04 PM
गुलिक काल09:10 AM – 10:53 AM
यमगण्ड05:43 AM – 07:26 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:59 PM – 02:55 PM
दुर्मुहूर्त05:40 PM – 06:35 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:43 AM – 07:26 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:26 AM – 09:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:10 AM – 10:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:53 AM – 12:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:37 PM – 02:20 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:20 PM – 04:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:04 PM – 05:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:47 PM – 07:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:31 PM – 08:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:47 PM – 10:04 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:04 PM – 11:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:20 PM – 12:37 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:37 AM – 01:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:53 AM – 03:10 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:10 AM – 04:26 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:26 AM – 05:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle