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VedicSpaceपंचांगजम्मू › 2026-08-31

जम्मू पंचांग — 31 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, रेवती नक्षत्र · सोमवार · जम्मू-कश्मीर (32.7266°, 74.857°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जम्मू (32.7266°, 74.857°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 08:51 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्ररेवती · पाद 1तक 03:24 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगगण्डतक 01:50 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 08:51 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त06:57 PM
चन्द्रोदय08:34 PM
चन्द्रास्त08:57 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM – 05:16 AM
अमृत काल01:06 AM – 02:40 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:40 AM – 09:17 AM
गुलिक काल02:07 PM – 03:43 PM
यमगण्ड10:53 AM – 12:30 PM
वर्ज्यम्03:39 PM – 05:13 PM
अभिजित मुहूर्त12:04 PM – 12:56 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:30 PM – 04:22 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:04 AM – 07:40 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:40 AM – 09:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:17 AM – 10:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:53 AM – 12:30 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:30 PM – 02:07 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:07 PM – 03:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:43 PM – 05:20 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:20 PM – 06:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:57 PM – 08:20 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:20 PM – 09:43 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:43 PM – 11:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:07 PM – 12:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:30 AM – 01:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:53 AM – 03:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:17 AM – 04:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:40 AM – 06:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle