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VedicSpaceपंचांगजम्मू › 2026-09-26

जम्मू पंचांग — 26 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शनिवार · जम्मू-कश्मीर (32.7266°, 74.857°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जम्मू (32.7266°, 74.857°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 10:19 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 4तक 11:32 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगगण्डतक 01:17 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 10:47 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:21 AM
सूर्यास्त06:23 PM
चन्द्रोदय06:06 PM
चन्द्रास्त05:42 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:46 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:45 AM – 05:33 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:21 AM – 10:51 AM
गुलिक काल06:21 AM – 07:51 AM
यमगण्ड01:52 PM – 03:22 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:33 AM – 10:21 AM
दुर्मुहूर्त02:22 PM – 03:10 PM

दिन चौघड़िया

काल06:21 AM – 07:51 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:51 AM – 09:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:21 AM – 10:51 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:51 AM – 12:22 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:22 PM – 01:52 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:52 PM – 03:22 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:22 PM – 04:52 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:52 PM – 06:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:23 PM – 07:52 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:52 PM – 09:22 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:22 PM – 10:52 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:52 PM – 12:22 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:22 AM – 01:51 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:51 AM – 03:21 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:21 AM – 04:51 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:51 AM – 06:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle