VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगजम्मू › 2026-11-03

जम्मू पंचांग — 3 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, मघा नक्षत्र · मङ्गलवार · जम्मू-कश्मीर (32.7266°, 74.857°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जम्मू (32.7266°, 74.857°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:49 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 11:55 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमघा · पाद 1तक 03:26 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशुक्लतक 09:54 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 11:55 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:49 AM
सूर्यास्त05:38 PM
चन्द्रोदय12:49 AM
चन्द्रास्त02:13 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:51 AM – 12:35 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:13 AM – 06:01 AM
अमृत काल01:53 AM – 03:28 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:55 PM – 04:16 PM
गुलिक काल12:13 PM – 01:34 PM
यमगण्ड09:31 AM – 10:52 AM
वर्ज्यम्04:25 PM – 05:59 PM
दुर्मुहूर्त11:08 AM – 11:51 AM
दुर्मुहूर्त02:01 PM – 02:44 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:49 AM – 08:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:10 AM – 09:31 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:31 AM – 10:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:52 AM – 12:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:13 PM – 01:34 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:34 PM – 02:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:55 PM – 04:16 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:16 PM – 05:38 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:38 PM – 07:16 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:16 PM – 08:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:55 PM – 10:34 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:34 PM – 12:13 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:13 AM – 01:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:52 AM – 03:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:31 AM – 05:10 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:10 AM – 06:49 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle