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VedicSpaceपंचांगजम्मू › 2027-01-01

जम्मू पंचांग — 1 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, चित्रा नक्षत्र · शुक्रवार · जम्मू-कश्मीर (32.7266°, 74.857°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जम्मू (32.7266°, 74.857°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:33 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 01:10 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रचित्रा · पाद 3तक 05:29 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगअतिगण्डतक 11:43 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 01:10 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:33 AM
सूर्यास्त05:35 PM
चन्द्रोदय01:45 AM
चन्द्रास्त12:41 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:13 PM – 12:54 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:57 AM – 06:45 AM
अमृत काल12:15 PM – 01:57 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:18 AM – 12:34 PM
गुलिक काल08:48 AM – 10:03 AM
यमगण्ड03:04 PM – 04:19 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:33 AM – 12:13 PM
दुर्मुहूर्त02:14 PM – 02:54 PM

दिन चौघड़िया

चर07:33 AM – 08:48 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:48 AM – 10:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:03 AM – 11:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:18 AM – 12:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:34 PM – 01:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:49 PM – 03:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:04 PM – 04:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:19 PM – 05:35 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:35 PM – 07:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:19 PM – 09:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:04 PM – 10:49 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:49 PM – 12:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:34 AM – 02:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:18 AM – 04:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:03 AM – 05:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:48 AM – 07:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle