VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगजम्मू › 2027-06-03

जम्मू पंचांग — 3 जून 2027

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, भरणी नक्षत्र · गुरुवार · जम्मू-कश्मीर (32.7266°, 74.857°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जम्मू (32.7266°, 74.857°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:23 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 06:35 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रभरणी · पाद 4तक 11:02 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगअतिगण्डतक 07:05 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 06:35 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:23 AM
सूर्यास्त07:35 PM
चन्द्रोदय03:42 AM
चन्द्रास्त06:10 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:00 PM – 12:57 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:47 AM – 04:35 AM
अमृत काल05:55 AM – 07:25 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:15 PM – 04:02 PM
गुलिक काल08:56 AM – 10:42 AM
यमगण्ड05:23 AM – 07:09 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:54 PM – 02:51 PM
दुर्मुहूर्त05:41 PM – 06:38 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:23 AM – 07:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:09 AM – 08:56 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:56 AM – 10:42 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:42 AM – 12:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:29 PM – 02:15 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:15 PM – 04:02 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:02 PM – 05:48 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:48 PM – 07:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:35 PM – 08:48 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:48 PM – 10:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:02 PM – 11:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:15 PM – 12:29 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:29 AM – 01:42 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:42 AM – 02:56 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:56 AM – 04:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:09 AM – 05:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle