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VedicSpaceपंचांगजम्मू › 2027-09-23

जम्मू पंचांग — 23 सितम्बर 2027

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · गुरुवार · जम्मू-कश्मीर (32.7266°, 74.857°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जम्मू (32.7266°, 74.857°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 02:57 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 3तक 05:07 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगव्यतीपाततक 11:35 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबालवतक 03:50 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:19 AM
सूर्यास्त06:27 PM
चन्द्रोदय11:33 PM
चन्द्रास्त01:28 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:43 AM – 05:31 AM
अमृत काल08:56 AM – 10:29 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:54 PM – 03:25 PM
गुलिक काल09:21 AM – 10:52 AM
यमगण्ड06:19 AM – 07:50 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:35 PM – 02:24 PM
दुर्मुहूर्त04:49 PM – 05:38 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:19 AM – 07:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:50 AM – 09:21 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:21 AM – 10:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:52 AM – 12:23 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:23 PM – 01:54 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:54 PM – 03:25 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:25 PM – 04:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:56 PM – 06:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:27 PM – 07:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:56 PM – 09:25 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:25 PM – 10:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:54 PM – 12:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:23 AM – 01:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:52 AM – 03:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:21 AM – 04:50 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:50 AM – 06:19 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle