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VedicSpaceपंचांगजोधपुर › 2025-09-24

जोधपुर पंचांग — 24 सितम्बर 2025

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, चित्रा नक्षत्र · बुधवार · राजस्थान (26.2389°, 73.0243°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जोधपुर (26.2389°, 73.0243°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 07:06 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रचित्रा · पाद 3तक 04:16 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगइन्द्रतक 09:02 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 05:57 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:27 AM
सूर्यास्त06:32 PM
चन्द्रोदय08:32 AM
चन्द्रास्त07:43 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:51 AM – 05:39 AM
अमृत काल09:36 AM – 11:23 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:29 PM – 02:00 PM
गुलिक काल10:58 AM – 12:29 PM
यमगण्ड07:57 AM – 09:28 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:05 PM – 12:53 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:40 AM – 10:28 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:27 AM – 07:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:57 AM – 09:28 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:28 AM – 10:58 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:58 AM – 12:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:29 PM – 02:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:00 PM – 03:30 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:30 PM – 05:01 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:01 PM – 06:32 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:32 PM – 08:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:01 PM – 09:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:30 PM – 11:00 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:00 PM – 12:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:29 AM – 01:58 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:58 AM – 03:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:28 AM – 04:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:57 AM – 06:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle