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VedicSpaceपंचांगजोधपुर › 2026-02-09

जोधपुर पंचांग — 9 फ़रवरी 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · सोमवार · राजस्थान (26.2389°, 73.0243°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जोधपुर (26.2389°, 73.0243°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 07:27 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रविशाखा · पाद 1तक 07:55 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगवृद्धितक 12:51 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 06:13 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:18 AM
सूर्यास्त06:27 PM
चन्द्रोदय12:40 AM
चन्द्रास्त11:25 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:42 AM – 06:30 AM
अमृत काल11:22 PM – 01:09 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:41 AM – 10:05 AM
गुलिक काल02:16 PM – 03:39 PM
यमगण्ड11:28 AM – 12:52 PM
वर्ज्यम्12:37 PM – 02:24 PM
अभिजित मुहूर्त12:30 PM – 01:14 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:28 PM – 04:13 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:18 AM – 08:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:41 AM – 10:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:05 AM – 11:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:28 AM – 12:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:52 PM – 02:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:16 PM – 03:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:39 PM – 05:03 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:03 PM – 06:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:27 PM – 08:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:03 PM – 09:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:39 PM – 11:16 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:16 PM – 12:52 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:52 AM – 02:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:28 AM – 04:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:05 AM – 05:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:41 AM – 07:18 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle