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VedicSpaceपंचांगजोधपुर › 2026-07-09

जोधपुर पंचांग — 9 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · गुरुवार · राजस्थान (26.2389°, 73.0243°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जोधपुर (26.2389°, 73.0243°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 10:38 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 3तक 02:56 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसुकर्मातक 10:12 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 10:38 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:52 AM
सूर्यास्त07:34 PM
चन्द्रोदय12:47 AM
चन्द्रास्त02:14 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:15 PM – 01:10 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:16 AM – 05:04 AM
अमृत काल07:59 AM – 09:30 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:25 PM – 04:08 PM
गुलिक काल09:17 AM – 11:00 AM
यमगण्ड05:52 AM – 07:34 AM
वर्ज्यम्11:01 AM – 12:31 PM
दुर्मुहूर्त02:05 PM – 03:00 PM
दुर्मुहूर्त05:44 PM – 06:39 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:52 AM – 07:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:34 AM – 09:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:17 AM – 11:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:00 AM – 12:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:43 PM – 02:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:25 PM – 04:08 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:08 PM – 05:51 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:51 PM – 07:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:34 PM – 08:51 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:51 PM – 10:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:08 PM – 11:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:25 PM – 12:43 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:43 AM – 02:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:00 AM – 03:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:17 AM – 04:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:34 AM – 05:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle