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VedicSpaceपंचांगजोधपुर › 2027-04-11

जोधपुर पंचांग — 11 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · रविवार · राजस्थान (26.2389°, 73.0243°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जोधपुर (26.2389°, 73.0243°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 09:40 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 3तक 02:53 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसौभाग्यतक 07:37 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 10:41 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:19 AM
सूर्यास्त07:00 PM
चन्द्रोदय09:18 AM
चन्द्रास्त11:40 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:14 PM – 01:04 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:43 AM – 05:31 AM
अमृत काल12:10 PM – 01:41 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:24 PM – 07:00 PM
गुलिक काल03:49 PM – 05:24 PM
यमगण्ड12:39 PM – 02:14 PM
वर्ज्यम्07:38 AM – 09:09 AM
दुर्मुहूर्त05:18 PM – 06:09 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:19 AM – 07:54 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:54 AM – 09:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:29 AM – 11:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:04 AM – 12:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:39 PM – 02:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:14 PM – 03:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:49 PM – 05:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:24 PM – 07:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:00 PM – 08:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:24 PM – 09:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:49 PM – 11:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:14 PM – 12:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:39 AM – 02:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:04 AM – 03:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:29 AM – 04:54 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:54 AM – 06:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle