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VedicSpaceपंचांगकानपुर › 2026-05-05

कानपुर पंचांग — 5 मई 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तर प्रदेश (26.4499°, 80.3319°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कानपुर (26.4499°, 80.3319°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 07:51 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 3तक 12:54 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशिवतक 12:16 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 06:38 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:28 AM
सूर्यास्त06:43 PM
चन्द्रोदय10:15 PM
चन्द्रास्त07:33 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:39 AM – 12:32 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:52 AM – 04:40 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:24 PM – 05:03 PM
गुलिक काल12:05 PM – 01:44 PM
यमगण्ड08:46 AM – 10:26 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:46 AM – 11:39 AM
दुर्मुहूर्त02:18 PM – 03:11 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:28 AM – 07:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:07 AM – 08:46 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:46 AM – 10:26 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:26 AM – 12:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:05 PM – 01:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:44 PM – 03:24 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:24 PM – 05:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:03 PM – 06:43 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:43 PM – 08:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:03 PM – 09:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:24 PM – 10:44 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:44 PM – 12:05 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:05 AM – 01:26 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:26 AM – 02:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:46 AM – 04:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:07 AM – 05:28 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle