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VedicSpaceपंचांगकानपुर › 2026-08-13

कानपुर पंचांग — 13 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (26.4499°, 80.3319°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कानपुर (26.4499°, 80.3319°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 08:42 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 4तक 06:06 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवरीयान्तक 12:16 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकिंस्तुघ्नतक 09:51 AMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:40 AM
सूर्यास्त06:47 PM
चन्द्रोदय06:06 AM
चन्द्रास्त07:13 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:47 AM – 12:39 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:04 AM – 04:52 AM
अमृत काल04:17 AM – 05:46 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:51 PM – 03:30 PM
गुलिक काल08:56 AM – 10:35 AM
यमगण्ड05:40 AM – 07:18 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:32 PM – 02:24 PM
दुर्मुहूर्त05:02 PM – 05:54 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:40 AM – 07:18 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:18 AM – 08:56 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:56 AM – 10:35 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:35 AM – 12:13 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:13 PM – 01:51 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:51 PM – 03:30 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:30 PM – 05:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:08 PM – 06:47 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:47 PM – 08:08 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:08 PM – 09:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:30 PM – 10:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:51 PM – 12:13 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:13 AM – 01:35 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:35 AM – 02:56 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:56 AM – 04:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:18 AM – 05:40 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle