VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकानपुर › 2026-10-18

कानपुर पंचांग — 18 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · रविवार · उत्तर प्रदेश (26.4499°, 80.3319°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कानपुर (26.4499°, 80.3319°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 08:28 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 3तक 12:49 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसुकर्मातक 11:56 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 08:28 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:09 AM
सूर्यास्त05:38 PM
चन्द्रोदय12:52 PM
चन्द्रास्त11:20 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:30 AM – 12:16 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:33 AM – 05:21 AM
अमृत काल07:34 AM – 09:22 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:11 PM – 05:38 PM
गुलिक काल02:45 PM – 04:11 PM
यमगण्ड11:53 AM – 01:19 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:06 PM – 04:52 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:09 AM – 07:35 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:35 AM – 09:01 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:01 AM – 10:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:27 AM – 11:53 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:53 AM – 01:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:19 PM – 02:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:45 PM – 04:11 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:11 PM – 05:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:38 PM – 07:11 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:11 PM – 08:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:45 PM – 10:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:19 PM – 11:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:53 PM – 01:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:27 AM – 03:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:01 AM – 04:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:35 AM – 06:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle