VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकानपुर › 2026-11-04

कानपुर पंचांग — 4 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · बुधवार · उत्तर प्रदेश (26.4499°, 80.3319°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कानपुर (26.4499°, 80.3319°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 11:03 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 1तक 03:30 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगब्रह्मतक 08:01 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 11:03 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:19 AM
सूर्यास्त05:25 PM
चन्द्रोदय01:36 AM
चन्द्रास्त02:17 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:43 AM – 05:31 AM
अमृत काल09:24 PM – 11:00 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:52 AM – 01:15 PM
गुलिक काल10:28 AM – 11:52 AM
यमगण्ड07:42 AM – 09:05 AM
वर्ज्यम्11:46 AM – 01:22 PM
अभिजित मुहूर्त11:29 AM – 12:14 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:16 AM – 10:01 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:19 AM – 07:42 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:42 AM – 09:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:05 AM – 10:28 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:28 AM – 11:52 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:52 AM – 01:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:15 PM – 02:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:38 PM – 04:01 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:01 PM – 05:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:25 PM – 07:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:01 PM – 08:38 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:38 PM – 10:15 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:15 PM – 11:52 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:52 PM – 01:28 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:28 AM – 03:05 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:05 AM – 04:42 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:42 AM – 06:19 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle