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VedicSpaceपंचांगकानपुर › 2027-04-08

कानपुर पंचांग — 8 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, अश्विनी नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (26.4499°, 80.3319°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कानपुर (26.4499°, 80.3319°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 03:10 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 2तक 05:59 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगविष्कुम्भतक 03:25 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 03:52 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:53 AM
सूर्यास्त06:29 PM
चन्द्रोदय06:24 AM
चन्द्रास्त07:56 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:45 AM – 12:36 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:17 AM – 05:05 AM
अमृत काल10:50 AM – 12:24 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:45 PM – 03:20 PM
गुलिक काल09:02 AM – 10:36 AM
यमगण्ड05:53 AM – 07:27 AM
वर्ज्यम्01:58 PM – 03:31 PM
दुर्मुहूर्त01:26 PM – 02:17 PM
दुर्मुहूर्त04:48 PM – 05:38 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:53 AM – 07:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:27 AM – 09:02 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:02 AM – 10:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:36 AM – 12:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:11 PM – 01:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:45 PM – 03:20 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:20 PM – 04:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:54 PM – 06:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:29 PM – 07:54 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:54 PM – 09:20 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:20 PM – 10:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:45 PM – 12:11 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:11 AM – 01:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:36 AM – 03:02 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:02 AM – 04:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:27 AM – 05:53 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle