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VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2026-02-08

काठमांडू पंचांग — 8 फ़रवरी 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, स्वाती नक्षत्र · रविवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 05:16 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रस्वाती · पाद 1तक 05:17 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगगण्डतक 12:23 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 04:10 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:46 AM
सूर्यास्त05:50 PM
चन्द्रोदय12:07 AM
चन्द्रास्त10:12 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:40 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:10 AM – 05:58 AM
अमृत काल08:18 PM – 10:05 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:27 PM – 05:50 PM
गुलिक काल03:04 PM – 04:27 PM
यमगण्ड12:18 PM – 01:41 PM
वर्ज्यम्09:40 AM – 11:26 AM
दुर्मुहूर्त04:21 PM – 05:05 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:46 AM – 08:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:09 AM – 09:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:32 AM – 10:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:55 AM – 12:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:18 PM – 01:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:41 PM – 03:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:04 PM – 04:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:27 PM – 05:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:50 PM – 07:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:27 PM – 09:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:04 PM – 10:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:41 PM – 12:18 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:18 AM – 01:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:55 AM – 03:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:32 AM – 05:09 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:09 AM – 06:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle