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VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2026-05-08

काठमांडू पंचांग — 8 मई 2026

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शुक्रवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 12:37 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 2तक 09:35 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशुभतक 02:45 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 12:37 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:19 AM
सूर्यास्त06:42 PM
चन्द्रोदय12:24 AM
चन्द्रास्त10:07 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:27 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:43 AM – 04:31 AM
अमृत काल01:50 PM – 03:36 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:20 AM – 12:00 PM
गुलिक काल06:59 AM – 08:39 AM
यमगण्ड03:21 PM – 05:01 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:40 AM – 11:33 AM
दुर्मुहूर्त02:14 PM – 03:07 PM

दिन चौघड़िया

चर05:19 AM – 06:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:59 AM – 08:39 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:39 AM – 10:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:20 AM – 12:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:00 PM – 01:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:40 PM – 03:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:21 PM – 05:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:01 PM – 06:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:42 PM – 08:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:01 PM – 09:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:21 PM – 10:40 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:40 PM – 12:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:00 AM – 01:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:20 AM – 02:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:39 AM – 03:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:59 AM – 05:19 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle