VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2026-05-30

काठमांडू पंचांग — 30 मई 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, विशाखा नक्षत्र · शनिवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 12:13 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 3तक 01:35 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशिवतक 05:39 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 12:13 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:08 AM
सूर्यास्त06:54 PM
चन्द्रोदय06:19 PM
चन्द्रास्त03:53 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:32 AM – 04:20 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:34 AM – 10:17 AM
गुलिक काल05:08 AM – 06:51 AM
यमगण्ड01:44 PM – 03:27 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त08:48 AM – 09:43 AM
दुर्मुहूर्त02:18 PM – 03:13 PM

दिन चौघड़िया

काल05:08 AM – 06:51 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:51 AM – 08:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:34 AM – 10:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:17 AM – 12:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:01 PM – 01:44 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:44 PM – 03:27 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:27 PM – 05:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:10 PM – 06:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:54 PM – 08:10 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:10 PM – 09:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:27 PM – 10:44 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:44 PM – 12:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:01 AM – 01:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:17 AM – 02:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:34 AM – 03:51 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:51 AM – 05:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle