VedicSpace › पंचांग › काठमांडू › 2026-06-13
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शनिवार · (27.7172°, 85.324°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष त्रयोदशी | तक 04:23 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | कृत्तिका · पाद 1 | तक 01:32 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | सुकर्मा | तक 05:43 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | गर | तक 06:10 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:07 AM |
| सूर्यास्त | 07:00 PM |
| चन्द्रोदय | 02:58 AM |
| चन्द्रास्त | 05:10 PM |
| चन्द्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 11:35 AM – 12:31 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:31 AM – 04:19 AM |
| अमृत काल | 10:32 PM – 11:56 PM |
| राहु काल | 08:35 AM – 10:19 AM |
| गुलिक काल | 05:07 AM – 06:51 AM |
| यमगण्ड | 01:47 PM – 03:31 PM |
| वर्ज्यम् | 02:03 PM – 03:28 PM |
| दुर्मुहूर्त | 08:49 AM – 09:44 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:22 PM – 03:17 PM |
| काल | 05:07 AM – 06:51 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:51 AM – 08:35 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:35 AM – 10:19 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:19 AM – 12:03 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:03 PM – 01:47 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:47 PM – 03:31 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:31 PM – 05:15 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:15 PM – 07:00 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 07:00 PM – 08:15 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:15 PM – 09:31 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:31 PM – 10:47 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:47 PM – 12:03 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:03 AM – 01:19 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:19 AM – 02:35 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:35 AM – 03:51 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:51 AM – 05:07 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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