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VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2026-07-31

काठमांडू पंचांग — 31 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:26 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 10:47 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 2तक 07:42 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसौभाग्यतक 12:09 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 10:19 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:26 AM
सूर्यास्त06:54 PM
चन्द्रोदय08:07 PM
चन्द्रास्त06:41 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:36 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:50 AM – 04:38 AM
अमृत काल08:01 AM – 09:44 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:29 AM – 12:10 PM
गुलिक काल07:07 AM – 08:48 AM
यमगण्ड03:32 PM – 05:13 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:49 AM – 11:43 AM
दुर्मुहूर्त02:24 PM – 03:18 PM

दिन चौघड़िया

चर05:26 AM – 07:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:07 AM – 08:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:48 AM – 10:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:29 AM – 12:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:10 PM – 01:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:51 PM – 03:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:32 PM – 05:13 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:13 PM – 06:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:54 PM – 08:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:13 PM – 09:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:32 PM – 10:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:51 PM – 12:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:10 AM – 01:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:29 AM – 02:48 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:48 AM – 04:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:07 AM – 05:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle