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VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2026-08-30

काठमांडू पंचांग — 30 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:41 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 09:52 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 1तक 04:00 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशूलतक 04:01 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 09:52 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:41 AM
सूर्यास्त06:27 PM
चन्द्रोदय07:40 PM
चन्द्रास्त07:25 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:38 AM – 12:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:05 AM – 04:53 AM
अमृत काल10:52 PM – 12:28 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:51 PM – 06:27 PM
गुलिक काल03:15 PM – 04:51 PM
यमगण्ड12:04 PM – 01:39 PM
वर्ज्यम्01:16 PM – 02:52 PM
दुर्मुहूर्त04:44 PM – 05:35 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:41 AM – 07:16 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:16 AM – 08:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:52 AM – 10:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:28 AM – 12:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:04 PM – 01:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:39 PM – 03:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:15 PM – 04:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:51 PM – 06:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:27 PM – 07:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:51 PM – 09:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:15 PM – 10:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:39 PM – 12:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:04 AM – 01:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:28 AM – 02:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:52 AM – 04:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:16 AM – 05:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle