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VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2026-09-04

काठमांडू पंचांग — 4 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · शुक्रवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 12:29 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 1तक 11:19 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगहर्षणतक 03:59 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 01:36 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:44 AM
सूर्यास्त06:22 PM
चन्द्रोदय11:13 PM
चन्द्रास्त12:43 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:37 AM – 12:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:08 AM – 04:56 AM
अमृत काल08:02 PM – 09:33 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:28 AM – 12:03 PM
गुलिक काल07:18 AM – 08:53 AM
यमगण्ड03:12 PM – 04:47 PM
वर्ज्यम्03:32 PM – 05:02 PM
दुर्मुहूर्त10:47 AM – 11:37 AM
दुर्मुहूर्त02:09 PM – 02:59 PM

दिन चौघड़िया

चर05:44 AM – 07:18 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:18 AM – 08:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:53 AM – 10:28 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:28 AM – 12:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:03 PM – 01:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:37 PM – 03:12 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:12 PM – 04:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:47 PM – 06:22 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:22 PM – 07:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:47 PM – 09:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:12 PM – 10:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:37 PM – 12:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:03 AM – 01:28 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:28 AM – 02:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:53 AM – 04:18 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:18 AM – 05:44 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle