VedicSpace › पंचांग › काठमांडू › 2026-10-06
कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · मङ्गलवार · (27.7172°, 85.324°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी | तक 12:50 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | आश्लेषा · पाद 2 | तक 10:32 PM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | सिद्ध | तक 07:35 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 01:34 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:59 AM |
| सूर्यास्त | 05:45 PM |
| चन्द्रोदय | 01:30 AM |
| चन्द्रास्त | 03:03 PM |
| चन्द्र राशि | कर्क |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:28 AM – 12:15 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:23 AM – 05:11 AM |
| अमृत काल | 08:59 PM – 10:31 PM |
| राहु काल | 02:48 PM – 04:16 PM |
| गुलिक काल | 11:52 AM – 01:20 PM |
| यमगण्ड | 08:55 AM – 10:23 AM |
| वर्ज्यम् | 11:42 AM – 01:15 PM |
| दुर्मुहूर्त | 10:41 AM – 11:28 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:49 PM – 02:36 PM |
| रोग | 05:59 AM – 07:27 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:27 AM – 08:55 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:55 AM – 10:23 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:23 AM – 11:52 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:52 AM – 01:20 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:20 PM – 02:48 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:48 PM – 04:16 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:16 PM – 05:45 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 05:45 PM – 07:16 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:16 PM – 08:48 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:48 PM – 10:20 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:20 PM – 11:52 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:52 PM – 01:23 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:23 AM – 02:55 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:55 AM – 04:27 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:27 AM – 05:59 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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