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VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2026-10-11

काठमांडू पंचांग — 11 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, चित्रा नक्षत्र · रविवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 09:46 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रचित्रा · पाद 2तक 10:47 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवैधृतितक 09:20 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणकिंस्तुघ्नतक 09:37 AMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:01 AM
सूर्यास्त05:39 PM
चन्द्रोदय06:32 AM
चन्द्रास्त05:45 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:26 AM – 12:13 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:25 AM – 05:13 AM
अमृत काल04:10 PM – 05:49 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:11 PM – 05:39 PM
गुलिक काल02:44 PM – 04:11 PM
यमगण्ड11:50 AM – 01:17 PM
वर्ज्यम्06:12 AM – 07:52 AM
दुर्मुहूर्त04:05 PM – 04:52 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:01 AM – 07:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:28 AM – 08:55 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:55 AM – 10:22 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:22 AM – 11:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:50 AM – 01:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:17 PM – 02:44 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:44 PM – 04:11 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:11 PM – 05:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:39 PM – 07:11 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:11 PM – 08:44 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:44 PM – 10:17 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:17 PM – 11:50 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:50 PM – 01:22 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:22 AM – 02:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:55 AM – 04:28 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:28 AM – 06:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle