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VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2027-01-30

काठमांडू पंचांग — 30 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · शनिवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:51 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 06:49 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 1तक 04:10 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगगण्डतक 04:17 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 05:56 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:51 AM
सूर्यास्त05:43 PM
चन्द्रोदय12:57 AM
चन्द्रास्त11:32 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:38 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:15 AM – 06:03 AM
अमृत काल07:28 PM – 09:12 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:34 AM – 10:55 AM
गुलिक काल06:51 AM – 08:12 AM
यमगण्ड01:38 PM – 03:00 PM
वर्ज्यम्09:02 AM – 10:47 AM
दुर्मुहूर्त09:44 AM – 10:28 AM
दुर्मुहूर्त02:05 PM – 02:49 PM

दिन चौघड़िया

काल06:51 AM – 08:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:12 AM – 09:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:34 AM – 10:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:55 AM – 12:17 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:17 PM – 01:38 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:38 PM – 03:00 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:00 PM – 04:21 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:21 PM – 05:43 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:43 PM – 07:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:21 PM – 09:00 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:00 PM – 10:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:38 PM – 12:17 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:17 AM – 01:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:55 AM – 03:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:34 AM – 05:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:12 AM – 06:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle