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VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2027-03-06

काठमांडू पंचांग — 6 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शनिवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:23 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 12:19 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 1तक 06:57 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशिवतक 03:20 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 12:19 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:23 AM
सूर्यास्त06:07 PM
चन्द्रोदय05:10 AM
चन्द्रास्त04:18 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:51 AM – 12:38 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:47 AM – 05:35 AM
अमृत काल07:55 PM – 09:40 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:19 AM – 10:47 AM
गुलिक काल06:23 AM – 07:51 AM
यमगण्ड01:43 PM – 03:11 PM
वर्ज्यम्09:23 AM – 11:08 AM
दुर्मुहूर्त09:30 AM – 10:17 AM
दुर्मुहूर्त02:12 PM – 02:59 PM

दिन चौघड़िया

काल06:23 AM – 07:51 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:51 AM – 09:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:19 AM – 10:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:47 AM – 12:15 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:15 PM – 01:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:43 PM – 03:11 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:11 PM – 04:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:39 PM – 06:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:07 PM – 07:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:39 PM – 09:11 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:11 PM – 10:43 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:43 PM – 12:15 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:15 AM – 01:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:47 AM – 03:19 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:19 AM – 04:51 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:51 AM – 06:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle