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VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2027-05-04

काठमांडू पंचांग — 4 मई 2027

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, रेवती नक्षत्र · मङ्गलवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:22 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 07:46 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररेवती · पाद 1तक 03:30 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगविष्कुम्भतक 04:29 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 08:08 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:22 AM
सूर्यास्त06:39 PM
चन्द्रोदय03:38 AM
चन्द्रास्त04:35 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:27 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:46 AM – 04:34 AM
अमृत काल12:28 AM – 02:04 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:19 PM – 04:59 PM
गुलिक काल12:00 PM – 01:40 PM
यमगण्ड08:41 AM – 10:20 AM
वर्ज्यम्02:55 PM – 04:30 PM
दुर्मुहूर्त10:40 AM – 11:33 AM
दुर्मुहूर्त02:13 PM – 03:06 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:22 AM – 07:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:01 AM – 08:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:41 AM – 10:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:20 AM – 12:00 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:00 PM – 01:40 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:40 PM – 03:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:19 PM – 04:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:59 PM – 06:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:39 PM – 07:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:59 PM – 09:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:19 PM – 10:40 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:40 PM – 12:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:00 AM – 01:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:20 AM – 02:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:41 AM – 04:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:01 AM – 05:22 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle