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VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2027-06-02

काठमांडू पंचांग — 2 जून 2027

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · बुधवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 08:44 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 3तक 12:31 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशोभनतक 10:14 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 08:44 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:08 AM
सूर्यास्त06:56 PM
चन्द्रोदय02:43 AM
चन्द्रास्त04:22 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:32 AM – 04:20 AM
अमृत काल04:42 AM – 06:15 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:02 PM – 01:45 PM
गुलिक काल10:18 AM – 12:02 PM
यमगण्ड06:51 AM – 08:35 AM
वर्ज्यम्07:48 AM – 09:20 AM
अभिजित मुहूर्त11:34 AM – 12:29 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:48 AM – 09:44 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:08 AM – 06:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:51 AM – 08:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:35 AM – 10:18 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:18 AM – 12:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:02 PM – 01:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:45 PM – 03:29 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:29 PM – 05:12 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:12 PM – 06:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:56 PM – 08:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:12 PM – 09:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:29 PM – 10:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:45 PM – 12:02 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:02 AM – 01:18 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:18 AM – 02:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:35 AM – 03:51 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:51 AM – 05:08 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle