VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2027-07-27

काठमांडू पंचांग — 27 जुलाई 2027

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · मङ्गलवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 10:28 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 4तक 06:08 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशूलतक 06:08 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 10:28 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:24 AM
सूर्यास्त06:57 PM
चन्द्रोदय11:52 PM
चन्द्रास्त12:53 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:37 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:48 AM – 04:36 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:33 PM – 05:15 PM
गुलिक काल12:10 PM – 01:52 PM
यमगण्ड08:47 AM – 10:28 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:49 AM – 11:43 AM
दुर्मुहूर्त02:26 PM – 03:20 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:24 AM – 07:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:05 AM – 08:47 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:47 AM – 10:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:28 AM – 12:10 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:10 PM – 01:52 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:52 PM – 03:33 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:33 PM – 05:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:15 PM – 06:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:57 PM – 08:15 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:15 PM – 09:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:33 PM – 10:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:52 PM – 12:10 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:10 AM – 01:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:28 AM – 02:47 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:47 AM – 04:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:05 AM – 05:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle