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VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2027-09-28

काठमांडू पंचांग — 28 सितम्बर 2027

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, मघा नक्षत्र · मङ्गलवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:55 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 02:10 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमघा · पाद 4तक 08:35 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसाध्यतक 07:47 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 02:10 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:55 AM
सूर्यास्त05:54 PM
चन्द्रोदय03:49 AM
चन्द्रास्त04:31 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:30 AM – 12:18 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:19 AM – 05:07 AM
अमृत काल06:20 AM – 07:47 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:54 PM – 04:24 PM
गुलिक काल11:54 AM – 01:24 PM
यमगण्ड08:54 AM – 10:24 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:42 AM – 11:30 AM
दुर्मुहूर्त01:54 PM – 02:42 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:55 AM – 07:24 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:24 AM – 08:54 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:54 AM – 10:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:24 AM – 11:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:54 AM – 01:24 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:24 PM – 02:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:54 PM – 04:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:24 PM – 05:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:54 PM – 07:24 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:24 PM – 08:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:54 PM – 10:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:24 PM – 11:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:54 PM – 01:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:24 AM – 02:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:54 AM – 04:24 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:24 AM – 05:55 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle