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VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2025-12-03

कोच्चि पंचांग — 3 दिसम्बर 2025

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, भरणी नक्षत्र · बुधवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 12:26 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रभरणी · पाद 2तक 06:00 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगपरिघतक 04:57 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 12:26 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:27 AM
सूर्यास्त06:02 PM
चन्द्रोदय04:28 PM
चन्द्रास्त04:20 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:51 AM – 05:39 AM
अमृत काल02:14 PM – 03:38 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:14 PM – 01:41 PM
गुलिक काल10:47 AM – 12:14 PM
यमगण्ड07:53 AM – 09:20 AM
वर्ज्यम्05:48 AM – 07:12 AM
अभिजित मुहूर्त11:51 AM – 12:37 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:32 AM – 10:18 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:27 AM – 07:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:53 AM – 09:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:20 AM – 10:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:47 AM – 12:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:14 PM – 01:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:41 PM – 03:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:08 PM – 04:35 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:35 PM – 06:02 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:02 PM – 07:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:35 PM – 09:08 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:08 PM – 10:41 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:41 PM – 12:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:14 AM – 01:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:47 AM – 03:20 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:20 AM – 04:53 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:53 AM – 06:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle