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VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2026-08-03

कोच्चि पंचांग — 3 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · सोमवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष पञ्चमीतक 10:54 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 2तक 10:00 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसुकर्मातक 09:13 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 11:08 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:15 AM
सूर्यास्त06:47 PM
चन्द्रोदय10:09 PM
चन्द्रास्त09:48 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:39 AM – 05:27 AM
अमृत काल05:23 PM – 07:01 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:49 AM – 09:23 AM
गुलिक काल02:05 PM – 03:39 PM
यमगण्ड10:57 AM – 12:31 PM
वर्ज्यम्07:40 AM – 09:17 AM
अभिजित मुहूर्त12:05 PM – 12:56 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:26 PM – 04:16 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:15 AM – 07:49 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:49 AM – 09:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:23 AM – 10:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:57 AM – 12:31 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:31 PM – 02:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:05 PM – 03:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:39 PM – 05:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:13 PM – 06:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:47 PM – 08:13 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:13 PM – 09:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:39 PM – 11:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:05 PM – 12:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:31 AM – 01:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:57 AM – 03:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:23 AM – 04:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:49 AM – 06:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle