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VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2026-09-01

कोच्चि पंचांग — 1 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · मङ्गलवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:16 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 07:42 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 1तक 02:42 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगवृद्धितक 11:38 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 07:42 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:16 AM
सूर्यास्त06:34 PM
चन्द्रोदय09:36 PM
चन्द्रास्त09:26 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:00 PM – 12:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:40 AM – 05:28 AM
अमृत काल07:59 PM – 09:32 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:29 PM – 05:01 PM
गुलिक काल12:25 PM – 01:57 PM
यमगण्ड09:20 AM – 10:52 AM
वर्ज्यम्11:05 PM – 12:38 AM
दुर्मुहूर्त11:11 AM – 12:00 PM
दुर्मुहूर्त02:28 PM – 03:17 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:16 AM – 07:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:48 AM – 09:20 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:20 AM – 10:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:52 AM – 12:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:25 PM – 01:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:57 PM – 03:29 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:29 PM – 05:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:01 PM – 06:34 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:34 PM – 08:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:01 PM – 09:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:29 PM – 10:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:57 PM – 12:25 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:25 AM – 01:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:52 AM – 03:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:20 AM – 04:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:48 AM – 06:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle