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VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2026-09-06

कोच्चि पंचांग — 6 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · रविवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 07:29 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 2तक 07:52 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धितक 09:45 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 08:42 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:15 AM
सूर्यास्त06:31 PM
चन्द्रोदय01:23 AM
चन्द्रास्त02:28 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:39 AM – 05:27 AM
अमृत काल10:49 AM – 12:18 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:59 PM – 06:31 PM
गुलिक काल03:27 PM – 04:59 PM
यमगण्ड12:23 PM – 01:55 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:52 PM – 05:41 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:15 AM – 07:47 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:47 AM – 09:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:19 AM – 10:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:51 AM – 12:23 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:23 PM – 01:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:55 PM – 03:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:27 PM – 04:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:59 PM – 06:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:31 PM – 07:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:59 PM – 09:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:27 PM – 10:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:55 PM – 12:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:23 AM – 01:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:51 AM – 03:19 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:19 AM – 04:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:47 AM – 06:15 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle