VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2026-10-25

कोच्चि पंचांग — 25 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, रेवती नक्षत्र · रविवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:14 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 11:56 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्ररेवती · पाद 2तक 07:22 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगहर्षणतक 05:22 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 11:56 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:14 AM
सूर्यास्त06:04 PM
चन्द्रोदय05:23 PM
चन्द्रास्त05:07 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:45 AM – 12:32 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:38 AM – 05:26 AM
अमृत काल05:20 PM – 06:50 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:35 PM – 06:04 PM
गुलिक काल03:06 PM – 04:35 PM
यमगण्ड12:09 PM – 01:37 PM
वर्ज्यम्08:14 AM – 09:45 AM
दुर्मुहूर्त04:29 PM – 05:16 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:14 AM – 07:42 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:42 AM – 09:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:11 AM – 10:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:40 AM – 12:09 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:09 PM – 01:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:37 PM – 03:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:06 PM – 04:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:35 PM – 06:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:04 PM – 07:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:35 PM – 09:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:06 PM – 10:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:37 PM – 12:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:09 AM – 01:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:40 AM – 03:11 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:11 AM – 04:42 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:42 AM – 06:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle