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VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2026-10-29

कोच्चि पंचांग — 29 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · गुरुवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 10:10 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 4तक 11:11 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगपरिघतक 12:06 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 11:37 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:15 AM
सूर्यास्त06:03 PM
चन्द्रोदय09:08 PM
चन्द्रास्त09:10 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:45 AM – 12:32 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:39 AM – 05:27 AM
अमृत काल08:32 AM – 09:59 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:37 PM – 03:06 PM
गुलिक काल09:12 AM – 10:40 AM
यमगण्ड06:15 AM – 07:43 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:19 PM – 02:07 PM
दुर्मुहूर्त04:28 PM – 05:15 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:15 AM – 07:43 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:43 AM – 09:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:12 AM – 10:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:40 AM – 12:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:09 PM – 01:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:37 PM – 03:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:06 PM – 04:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:34 PM – 06:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:03 PM – 07:34 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:34 PM – 09:06 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:06 PM – 10:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:37 PM – 12:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:09 AM – 01:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:40 AM – 03:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:12 AM – 04:43 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:43 AM – 06:15 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle