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VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2026-11-20

कोच्चि पंचांग — 20 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 07:16 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 4तक 06:56 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगहर्षणतक 06:40 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 07:16 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:21 AM
सूर्यास्त06:00 PM
चन्द्रोदय02:30 PM
चन्द्रास्त02:03 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:47 AM – 12:33 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:45 AM – 05:33 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:43 AM – 12:10 PM
गुलिक काल07:48 AM – 09:15 AM
यमगण्ड03:05 PM – 04:32 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:00 AM – 11:47 AM
दुर्मुहूर्त02:07 PM – 02:53 PM

दिन चौघड़िया

चर06:21 AM – 07:48 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:48 AM – 09:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:15 AM – 10:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:43 AM – 12:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:10 PM – 01:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:37 PM – 03:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:05 PM – 04:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:32 PM – 06:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:00 PM – 07:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:32 PM – 09:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:05 PM – 10:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:37 PM – 12:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:10 AM – 01:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:43 AM – 03:15 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:15 AM – 04:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:48 AM – 06:21 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle