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VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2027-01-01

कोच्चि पंचांग — 1 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, चित्रा नक्षत्र · शुक्रवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:41 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 01:10 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रचित्रा · पाद 3तक 05:29 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगअतिगण्डतक 11:43 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 01:10 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:41 AM
सूर्यास्त06:15 PM
चन्द्रोदय01:13 AM
चन्द्रास्त01:06 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:04 PM – 12:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:05 AM – 05:53 AM
अमृत काल11:23 AM – 01:05 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:01 AM – 12:28 PM
गुलिक काल08:07 AM – 09:34 AM
यमगण्ड03:21 PM – 04:48 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:18 AM – 12:04 PM
दुर्मुहूर्त02:23 PM – 03:09 PM

दिन चौघड़िया

चर06:41 AM – 08:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:07 AM – 09:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:34 AM – 11:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:01 AM – 12:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:28 PM – 01:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:54 PM – 03:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:21 PM – 04:48 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:48 PM – 06:15 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:15 PM – 07:48 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:48 PM – 09:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:21 PM – 10:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:54 PM – 12:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:28 AM – 02:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:01 AM – 03:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:34 AM – 05:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:07 AM – 06:41 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle