VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2027-01-06

कोच्चि पंचांग — 6 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, मूल नक्षत्र · बुधवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 11:14 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रमूल · पाद 1तक 06:08 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवृद्धितक 01:32 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 09:56 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:43 AM
सूर्यास्त06:18 PM
चन्द्रोदय05:28 AM
चन्द्रास्त05:02 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:07 AM – 05:55 AM
अमृत काल11:39 PM – 01:27 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:30 PM – 01:57 PM
गुलिक काल11:03 AM – 12:30 PM
यमगण्ड08:09 AM – 09:36 AM
वर्ज्यम्12:50 PM – 02:38 PM
अभिजित मुहूर्त12:07 PM – 12:53 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:48 AM – 10:34 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:43 AM – 08:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:09 AM – 09:36 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:36 AM – 11:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:03 AM – 12:30 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:30 PM – 01:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:57 PM – 03:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:24 PM – 04:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:51 PM – 06:18 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:18 PM – 07:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:51 PM – 09:24 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:24 PM – 10:57 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:57 PM – 12:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:30 AM – 02:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:03 AM – 03:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:36 AM – 05:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:09 AM – 06:43 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle