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VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2027-01-19

कोच्चि पंचांग — 19 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · मङ्गलवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 07:50 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 2तक 06:54 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशुक्लतक 06:13 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 07:50 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:47 AM
सूर्यास्त06:25 PM
चन्द्रोदय03:08 PM
चन्द्रास्त03:09 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:12 PM – 12:59 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:11 AM – 05:59 AM
अमृत काल04:47 PM – 06:14 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:30 PM – 04:57 PM
गुलिक काल12:36 PM – 02:03 PM
यमगण्ड09:41 AM – 11:08 AM
वर्ज्यम्12:27 PM – 01:54 PM
दुर्मुहूर्त11:26 AM – 12:12 PM
दुर्मुहूर्त02:32 PM – 03:18 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:47 AM – 08:14 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:14 AM – 09:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:41 AM – 11:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:08 AM – 12:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:36 PM – 02:03 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:03 PM – 03:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:30 PM – 04:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:57 PM – 06:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:25 PM – 07:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:57 PM – 09:30 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:30 PM – 11:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:03 PM – 12:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:36 AM – 02:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:08 AM – 03:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:41 AM – 05:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:14 AM – 06:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle