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VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2027-02-02

कोच्चि पंचांग — 2 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · मङ्गलवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 11:10 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 4तक 09:21 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्याघाततक 05:47 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 11:10 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:47 AM
सूर्यास्त06:30 PM
चन्द्रोदय03:23 AM
चन्द्रास्त02:57 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:15 PM – 01:01 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:11 AM – 05:59 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:34 PM – 05:02 PM
गुलिक काल12:38 PM – 02:06 PM
यमगण्ड09:42 AM – 11:10 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:28 AM – 12:15 PM
दुर्मुहूर्त02:35 PM – 03:22 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:47 AM – 08:14 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:14 AM – 09:42 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:42 AM – 11:10 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:10 AM – 12:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:38 PM – 02:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:06 PM – 03:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:34 PM – 05:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:02 PM – 06:30 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:30 PM – 08:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:02 PM – 09:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:34 PM – 11:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:06 PM – 12:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:38 AM – 02:10 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:10 AM – 03:42 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:42 AM – 05:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:14 AM – 06:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle