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VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2027-02-20

कोच्चि पंचांग — 20 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · शनिवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 08:00 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 3तक 04:07 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशोभनतक 03:08 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 08:00 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:43 AM
सूर्यास्त06:35 PM
चन्द्रोदय06:10 PM
चन्द्रास्त05:55 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:15 PM – 01:02 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:07 AM – 05:55 AM
अमृत काल03:24 PM – 04:50 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:41 AM – 11:10 AM
गुलिक काल06:43 AM – 08:12 AM
यमगण्ड02:08 PM – 03:37 PM
वर्ज्यम्06:47 AM – 08:13 AM
दुर्मुहूर्त09:52 AM – 10:40 AM
दुर्मुहूर्त02:37 PM – 03:25 PM

दिन चौघड़िया

काल06:43 AM – 08:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:12 AM – 09:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:41 AM – 11:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:10 AM – 12:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:39 PM – 02:08 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:08 PM – 03:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:37 PM – 05:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:06 PM – 06:35 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:35 PM – 08:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:06 PM – 09:37 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:37 PM – 11:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:08 PM – 12:39 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:39 AM – 02:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:10 AM – 03:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:41 AM – 05:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:12 AM – 06:43 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle