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VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2027-03-20

कोच्चि पंचांग — 20 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, मघा नक्षत्र · शनिवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 08:45 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमघा · पाद 1तक 11:44 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगधृतितक 08:05 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 10:01 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:29 AM
सूर्यास्त06:36 PM
चन्द्रोदय04:51 PM
चन्द्रास्त04:33 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:08 PM – 12:56 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:53 AM – 05:41 AM
अमृत काल10:00 PM – 11:29 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:30 AM – 11:01 AM
गुलिक काल06:29 AM – 07:59 AM
यमगण्ड02:03 PM – 03:34 PM
वर्ज्यम्01:07 PM – 02:35 PM
दुर्मुहूर्त09:42 AM – 10:31 AM
दुर्मुहूर्त02:33 PM – 03:22 PM

दिन चौघड़िया

काल06:29 AM – 07:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:59 AM – 09:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:30 AM – 11:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:01 AM – 12:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:32 PM – 02:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:03 PM – 03:34 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:34 PM – 05:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:05 PM – 06:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:36 PM – 08:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:05 PM – 09:34 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:34 PM – 11:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:03 PM – 12:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:32 AM – 02:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:01 AM – 03:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:30 AM – 04:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:59 AM – 06:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle