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VedicSpaceपंचांगकोच्चि › 2027-06-26

कोच्चि पंचांग — 26 जून 2027

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शनिवार · केरल (9.9312°, 76.2673°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोच्चि (9.9312°, 76.2673°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 09:52 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 2तक 07:23 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगआयुष्मान्तक 12:24 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 09:09 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:06 AM
सूर्यास्त06:49 PM
चन्द्रोदय12:01 AM
चन्द्रास्त11:36 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:02 PM – 12:52 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:30 AM – 05:18 AM
अमृत काल10:46 AM – 12:31 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:16 AM – 10:52 AM
गुलिक काल06:06 AM – 07:41 AM
यमगण्ड02:02 PM – 03:38 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:29 AM – 10:20 AM
दुर्मुहूर्त02:34 PM – 03:25 PM

दिन चौघड़िया

काल06:06 AM – 07:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:41 AM – 09:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:16 AM – 10:52 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:52 AM – 12:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:27 PM – 02:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:02 PM – 03:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:38 PM – 05:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:13 PM – 06:49 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:49 PM – 08:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:13 PM – 09:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:38 PM – 11:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:02 PM – 12:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:27 AM – 01:52 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:52 AM – 03:16 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:16 AM – 04:41 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:41 AM – 06:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle