VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2025-12-11

कोलकाता पंचांग — 11 दिसम्बर 2025

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · गुरुवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 01:57 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 1तक 03:55 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 11:40 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 01:57 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:06 AM
सूर्यास्त04:53 PM
चन्द्रोदय11:28 PM
चन्द्रास्त11:18 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:07 AM – 11:51 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:30 AM – 05:18 AM
अमृत काल09:17 PM – 10:58 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:50 PM – 02:11 PM
गुलिक काल08:47 AM – 10:08 AM
यमगण्ड06:06 AM – 07:26 AM
वर्ज्यम्11:12 AM – 12:53 PM
दुर्मुहूर्त12:34 PM – 01:17 PM
दुर्मुहूर्त03:26 PM – 04:09 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:06 AM – 07:26 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:26 AM – 08:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:47 AM – 10:08 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:08 AM – 11:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:29 AM – 12:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:50 PM – 02:11 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:11 PM – 03:32 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:32 PM – 04:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत04:53 PM – 06:32 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:32 PM – 08:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:11 PM – 09:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:50 PM – 11:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:29 PM – 01:08 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:08 AM – 02:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:47 AM – 04:26 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:26 AM – 06:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle