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VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2026-06-12

कोलकाता पंचांग — 12 जून 2026

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · शुक्रवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:51 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 07:37 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 4तक 06:28 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगअतिगण्डतक 09:26 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 09:11 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:51 AM
सूर्यास्त06:22 PM
चन्द्रोदय01:54 AM
चन्द्रास्त03:20 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:09 AM – 12:03 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:15 AM – 04:03 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:55 AM – 11:36 AM
गुलिक काल06:32 AM – 08:13 AM
यमगण्ड02:59 PM – 04:40 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:15 AM – 11:09 AM
दुर्मुहूर्त01:51 PM – 02:45 PM

दिन चौघड़िया

चर04:51 AM – 06:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:32 AM – 08:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:13 AM – 09:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:55 AM – 11:36 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:36 AM – 01:17 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:17 PM – 02:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:59 PM – 04:40 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:40 PM – 06:22 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:22 PM – 07:40 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:40 PM – 08:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:59 PM – 10:17 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:17 PM – 11:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:36 PM – 12:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:55 AM – 02:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:13 AM – 03:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:32 AM – 04:51 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle